Wednesday, April 27, 2011

भ्रस्टाचार कैसे रोकें? ----2

भ्रस्टाचार  का  एक  कारण  मजबूरी     भी  है  | नौकरी  न    मिलने   पर  गरीब  लोग   बहकावे में आ जाते हैं | सरकार को  तम्बाकू , सिगरेट  , शराब आदि पर कम निवेश कर के नौकरी मुहैय्या  करनी होगी उन्हें नहीं तो वे दलालों के झांसे में आ जाते हैं | 

कुछ चिकित्सक इस पावन पेशे को बदनाम करते रहते हैं | गरीबों का इलाज़ कम पैसों में किया जाना चाहिए | जरूरतमंदों के लिए अमीर तबके के लोग खुल कर सामने आयें | मंदिर में दान देने से अच्छा किसी की ज़िन्दगी बचानी होती है | एक ज़िन्दगी के सहारे पूरा परिवार जुड़ा होता है | 

ट्रेफिक नियम की धज्जियाँ उड़ाने वालों के खिलाफ उचित कार्यवाही की जानी चाहिए पर साथ साथ ऐसे पुलिस  कर्मियों के विरोध में भी स्वर उठाई जानी चाहिए जो रिश्वत लेकर ट्रेफिक नियमों की धज्जियाँ उड़ाते रहते हैं ऑटो चालकों और बस ट्रक चालकों के आड़ में |

शिक्षा का प्रचार और प्रसार देश के हर कोने में होना चाहिए | भोले भले लोगों को उनके अधिकार के बारे में बताना चाहिए | ग्राम पंचायत के स्तर  पर ये कार्यवाही होनी चाहिए | सभी को उनके काम का उचित वेतन मिले | इसके लिए असाक्षरता का दूर होना अति आवश्यक है | 

काला बाजारी रोकने के लिए सरकार को एक तय सीमा से ज्यादा रासन आवंटन नहीं करना चाहिए और एक निश्चित समय सीमा तय कर देनी चाहिए | उसके बाद बचे हुए माल को वापस ले  लेना  चाहिए | इससे भ्रस्टाचार में थोड़ी कमी आएगी | 



सत्यमेव जयते --भारतीय एकता जिंदाबाद 



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Kshitiz

Wo kshitiz hai paas nahi aata, Jaise sach ho ,jo raas nahi aata Tum aaye the lekar Josh -o -junoon, Ab kya hua,kahte ho kaash nahi aata !...