Wednesday, April 27, 2011

भ्रस्टाचार कैसे रोकें?----3

भ्रस्टाचार  पनपता है अत्यधिक सहनशीलता से भी | अन्याय का विरोध आवश्यक है पर इसके लिए समाज का साथ देना अति आवश्यक है | आदरणीय किरण बेदी जी ने भ्रष्ट लोगों के विरुद्ध जो आवाज़ उठाई उसमे हम जनता और मीडिया का भी सहयोग रहा | मकसद ये होना  चाहिए की भ्रष्टाचार मन से दूर हो जाए | मन की मलिनता को दूर करने से आने वाली पीढ़ी भी सत्य और अमन के राह पर चलेगी |


घर में हो रहे पति पत्नी के मनमुटाव और झगडे का असर अपरिपक्व बच्चों पर भी पर सकता है और वो इनका अनुशरण करेंगे | अतः घर में एक स्वच्छ वातावरण का निर्माण करना चाहिए |

हमें छोटे छोटे नियम जैसे विद्यालय प्रतिदिन जाना, गुरु जी के द्वारा दिए हुए गृह कार्यों को पूरा करना आदि का पालन करना चाहिए | कक्षाएं  बंक करने और इसे प्रेरित करने वालों को समझाना चाहिए  शिक्षा  का महत्त्व | बाद में नौकरी करने समय उन्हें छूट नहीं मिलेगी मनमानी की | अतः जीवन संघर्ष के लिए इन छोटी छोटी बातों को जरूर मानना चाहिए | एक दुसरे की मदद करनी चाहिए | जिससे सभी को मानसिक संबल मिलते रहे | 

पर्व त्यौहार के नाम पर चंदा लेकर देवी देवताओं का अपमान करने वालों का मिलकर विरोध करना चाहिए | आखिर सबके मन में ही इश्वर है | ऐसी घटनाएं आम हो गयी है की अमुक ऑटो चालक को पीटा   गया क्यूंकि उसने चंदा देने से मन कर दिया था | सरकार को ऐसे पूजा समितियों पर कड़ी नज़र रखनी चाहिए | ज़बरन वसूली कटाई बर्दाश्त नहीं होगी | पर्व त्यौहार में विसर्जन के दौरान बजने वाले अशलील गीतों को बंद कर देना चाहिए कानूनी नियम बनाकर |  दो गुटों के बीच लड़ाई हो जाती है विसर्जन के दौरान | पुलिस इसका ध्यान रखें  और हाकी  स्टिक ,तलवार ,आदि लाने पर शख्त  पाबंदी हो | 



सत्यमेव  जयते---भारतीय एकता जिंदाबाद 



2 comments:

  1. वहा वहा क्या कहे आपके हर शब्द के बारे में जितनी आपकी तरी की जाये उतनी कम होगी
    आप मेरे ब्लॉग पे पधारे इस के लिए बहुत बहुत धन्यवाद अपने अपना कीमती वक़्त मेरे लिए निकला इस के लिए आपको बहुत बहुत धन्वाद देना चाहुगा में आपको
    बस शिकायत है तो १ की आप अभी तक मेरे ब्लॉग में सम्लित नहीं हुए और नहीं आपका मुझे सहयोग प्राप्त हुआ है जिसका मैं हक दर था
    अब मैं आशा करता हु की आगे मुझे आप शिकायत का मोका नहीं देगे
    आपका मित्र दिनेश पारीक

    ReplyDelete
  2. भ्रष्टाचार पनपता है अत्यंत सहनशीलता से भी --बहुत ही सार्थक वक्तव्य। ध्यान देने योग्य।

    ReplyDelete