Sunday, September 1, 2013

ज़वाब के इंतज़ार में !

हम  तो  बेवस  हो  गए  "नील "
इक  अदद  ज़वाब  के  इंतज़ार  में 

कभी  हम  अशरारों  का
तो  कभी  चाँद   का  दीदार  करते  हैं

कोई  तो  आएगा  जो  खुश  हो  जाएगा
गर  ना  आया   तो  गम  में  ही  इक
खूबसूरत  ग़ज़ल  तयार  करते  हैं

ग़ालिब  होते  तो  कह  देते  कि
ये  ज़वाब  भी  रूह  के  रंग  के  हैं  "नील "
तू  देख  न  पायेगा ...

कुछ  ऐसा  लिख  "नील "
जो  खुद -बा -खुद  किसी  के
रूह  में  उतर  जाएगा ......

2 comments:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति..
    हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल {साप्ताहिक चर्चामंच} पर आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल में दूसरी चर्चा {रविवार} (01-09-2013) को हम-भी-जिद-के-पक्के-है -- हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल चर्चा : अंक-002 को है। कृपया पधारें, आपके विचार मेरे लिए "अमोल" होंगें | आपके नकारत्मक व सकारत्मक विचारों का स्वागत किया जायेगा |
    ---
    सादर ....ललित चाहार

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  2. वाह। । सुन्दर प्रस्तुति। । कभी मेरी रचनाये भी देखें …. आभार

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