Sunday, December 1, 2013

अँधेरा बुझाने के लिए सिर्फ रौशनी चाहिए


मशालों  को  दिये -बाती  से  मत  तौलो 
चाँद  सितारों  की  चालों  के  कहे  पर  न  चलो 


देखो  अँधेरा   बुझाने  के  लिए  सिर्फ   रौशनी  चाहिए !!

2 comments:

  1. बहुत खूब ... लाजवाब त्रिवेणी ...

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Kshitiz

Wo kshitiz hai paas nahi aata, Jaise sach ho ,jo raas nahi aata Tum aaye the lekar Josh -o -junoon, Ab kya hua,kahte ho kaash nahi aata !...