Sunday, February 22, 2015

कांटे !!

कांटे
होते   हैं
गुलाब   की  खूबसूरती   को
नायब   करने   के  लिए  ,
काँटों   में  भी  दर्द  है
उससे   बिछुरने  की
ए   मेरे   बाग़    के   माली,  

उसके    आने    के   

इंतज़ार    तक   पौधे   का
बागवाँ   सा   करता   है  
वो   देखवाली   !!

No comments:

Post a Comment

है आरज़ू हमारी

ज़ेहन -ओ -दिल से आज हम दुआ करते हैं दोस्त होने का आज अहल -ऐ -वफ़ा करते हैं ... मुश्किलों में भी तुझको मुकम्मल जहाँ मिले तेरे लिए आज ग़ज़...