Tuesday, August 8, 2017

Yes, you are my soul

Presence of you is everywhere at every stoP
Panacea at any time ,you keep me at the toP

Over your memories my heart swings to &  frO
Only you are the only truth where i w'll gO

Eternal and always prominent, you are my lifE
Everyday and  anytime ,you protect my pridE

Trust can be broken but you  can'T
The world can change but you are always presenT

Respect you give and make me brighteR
Rise with me in spring ,in autumn you do prayeR

Yes, you are my soul ,who make me happY
Yacht of my life,you are  my  lone poetrY

Thursday, June 1, 2017

और क्या नाम दूं इस मंज़र को

















जब  तक  रहे  



किसी  का  इंतज़ार  आँखों  में
और  रहे  एक  पुकार  
खुद  की  साँसों  में
तब  तक  ही   ज़िन्दगी  
ज़िन्दगी  कहलाती   है
वरना  क्या  रखा  है 
फजूल  की  बातों  में ...

जो  तुम  नहीं  थे  
तो  तेरी  जुदाई  संग  थी
बेपरवाह  ज़माने  में  
मेरी  खुदाई  संग  थी
और  क्या  नाम  दूं   
इस  मंज़र   को
प्यार  ही  तो  है  
जो  जागता  है  सुनी  रातों  में ...

Friday, May 12, 2017

शिनाक्त

सामने तेरे  इक आईना होगा ,
दर को तूने जो बंद किया होगा

तेरी  पलकों   पे जो कहानी है
देख कर कोई सो  गया होगा

"नील " लिखूँ तो फिर  शिनाक्त सही ,
न लिखूँ अगर तो क्या होगा

Monday, May 1, 2017

रब को दिल में ही अपने बसाया करना !!

तुम  यूँ  पत्थर  न  कभी उठाया  करना 
एक पल में  किसी को न  पराया  करना !!



तेरी साँसे पलती हैं कई साँसों से 
उनके एहसान कभी न भुलाया करना !!


देखो गुलाब भी काँटों को भी संग रखता है 
दिल में दर्दों को वैसे ही  छुपाया करना !!

ओस की बूंदे हर सुबह जैसे खो जाती हैं
जुदाई को तुम भी  अपनाया करना !!

तिनके-तिनके की कीमत है राही 
किसी बुलबुल के घरौंदे को न मिटाया करना !!



भटक जाते हैं लोग यहाँ  शहरों में 
उन्हें रास्ता घर का दिखाया करना !!

कब गुरबत्त  आ जाए तेरे गुलशन में 
अपने ईमान को हमेशा बचाया करना !!

गुलशन जैसे महकते हैं गुल से शायर 
ख़्वाबों से रूह को  तुम सजाया करना !!


क्या मंदिर क्या मस्जिद क्या गिरिजे 
रब को दिल में ही अपने बसाया करना !!




Monday, April 10, 2017

जो आईना सा है

किस बात से खफा थे सब ,ये मालूम है
मैं अकेला और पीछा करता हुजूम है

खामोश है मेरी तरह जो बीते कल की तरह ,
जो आईना सा है मेरा ,वो ही मासूम है

दो बूँद माँगता था वो  ,पर जिंदगी की दोस्त
दे दी आपने क्या शोहरत,क्या वो मज़लूम है ?

देखेंगे हम ,है अभी कयामत का वक्त दूर ,
कौन हैँ  मायूस और किनकी धूम है

Saturday, April 8, 2017

आवाज

हर नजर में है बेचैनी ,हर नजर का इशारा भी ,
ये  कहते  हैँ  मैं उनका हूँ ,वो कहते हैँ हमारा भी

जिस राह की कहानी तुमको अभी सुननी है ,
उस राह पर वो चला भी ,उस राह पर हारा भी

सुनते हो ,सुनाते हो ,आवाज का शहर है ,
इक बार कभी सोचो ,तुम्हे हमने पुकारा भी

Saturday, April 1, 2017

चासनी !!

चासनी बेचने वाला अब दिखाई नहीं देता 
उसे नीम चखाने की आदत लग गयी थी 

अब दूकान पर चींटियों का बसेरा है!

Monday, March 13, 2017

रँग

चुपचाप   सा  रह  जाना ,आपके  मामूल  क्यूँ  हैँ ,
जो  सब  होता  हो  ये  आपको  माकूल  क्यूँ  हैँ

किस  रँग  के  उतर  जाने  की  बात   करते  हैँ ,
रँग  देखने  में  भला इतने  मशगूल  क्यूँ  हैँ

कितनी  नज़्मों  में  हमारा  ज़िक्र  आया  था ,
बस  चंद  हर्फ़  हि  आपको   मक़बूल  क्यूँ  हैँ

ये  तो  पाँव  के  निशाँ  थे  दौर -ऐ -सफर  में , देखिए ,
फिर  नज़रिये  में  ये  रास्ते  के  धूल  क्यूँ  हैँ

अजूबे

पानी के रँग में डूबे हैँ ,कौन पहचाने
सब सफर में हैँ और  ऊबे हैँ ,कौन पहचाने

चंद गलियों के अफ़साने ,सुनाया करते
इस जहाँ में क्या अजूबे हैँ ,कौन पहचाने