अना

  कब तक ये झूठी सी अना रखोगे कभी तो पस-ए-आईना रखोगे !!   वो पूछते हैं क्यों फ़ना रखोगे तो, ईश को कब तक मना रखोगे ?   कैसे होगी जीत बाज़ी की...