Monday, February 26, 2018

Lahar

4 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल बुधवार (28-02-2018) को ) "होली के ये रंग" (चर्चा अंक-2895) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    राधा तिवारी

    ReplyDelete
  2. वाह वाह बहोत खूब

    भई मजा आ गया पढ़ कर

    आज मुझे एक बढ़िया ब्लॉग की खोज थी वो पूर्ण हुई

    चर्चा मंच से आपका लिंक मिला मुझे और अब फॉलो भी कर रहा हूँ।

    ReplyDelete

अलग

रात कोई और ,सुबह और ,धूप छाँव अलग अब मेरे लोग अलग ,देश   अलग ,गाँव अलग खेल  जो खेलते   हो मैं भी था माहिर  जहाँ , पर मेरे ढँग अलग और तुम्...