Friday, March 9, 2012

अनंत आकाश को छू आओ



Flowers are saying to rise
take a walk,open your eyes

the horizon is red and turning white
you also listen your heart
and give it a flight

the flight to dreams,with the thrust of the good luck
let us catch those beams,with trust of the hard work



almighty and the mother both are there
you also start, for what do you fear

make a song,sing a song
adapt the right ,avoid the wrong

let the day prosper on a high
truth will win and no place for lie..
so open your eye,open your eye
my dear friends, let's touch the sky

let's touch the sky.





फूलों ने कहा की जाग जाओ
भ्रमण पे निकालो ,पलकें उठाओ

क्षितिज रक्तिम है श्वेत में हो रहा परिवर्तित
तुम भी सुनो दिल की धुन और उसे दो उड़ान ,न हो व्यथित


उड़ान दो सपनो को सौभाग्य के प्रबल योग से
किरणों को समेट लो ,अपने इच्छाशक्ति के सतत प्रयोग से


प्रभु और माँ जब दोनों तुम्हारे साथ हैं
तो फिर शुभ आरंभ करो ,भय की क्या बात है

एक सरगम बनाओ,एक गीत सुनाओ
सत्य की शरण लो, असत से दूर जाओ


ये दिन संपन्न हो एक उत्तम अंत के साथ


सत्य की जय हो ,और न रहे असत्य की काली रात

तो अपने पलकें उठाओ ,पलकें उठाओ
चलो हमसफ़र ,अनंत आकाश को छू आओ

जाओ,अनंत आकाश को छू आओ







1 comment:

  1. आशा का संचार करती है जीवन की प्रेरणा देती है ये रचना ...

    ReplyDelete