Saturday, March 10, 2018

Kshitiz

Wo kshitiz hai paas nahi aata,
Jaise sach ho ,jo raas nahi aata

Tum aaye the lekar Josh -o -junoon,
Ab kya hua,kahte ho kaash nahi aata !

Kis Dar pe wo khuda rahta hai ,
Kaun hai jo wahaan udaas nahi aata ?

Ham khud ko bhi talaash nahi paaye "neel"
Warna kya usko talaash nahi aata !

Thursday, March 1, 2018

हिन्दुस्तान की आवाज़ !!!!

आज पुकारता है तुझको फिर से आसमां हिन्दुस्तान का
मुकम्मल जहाँ की तलाश में है ये कारवां हिन्दुस्तान का !!

समुंदर की लहरों में घिरा वो माझी खड़ा इंतज़ार में
आज बैठा है क्यूँ गुमसुम हर इन्सां हिन्दुस्तान का!!

जहाँ अब होती है बस बातें गुल औ गुलफाम की
कल वहाँ इन्कलाब ही था एक जुबां हिन्दुस्तान का!!

 शान-ए-तिरंगे को रखना है महफूज़ तुझको अगर
परवाना बन जा बिस्मिल सा ,और हो शम्मा हिन्दुस्तान का !!

ताजपोशी दे दी तख़्त-ए-फांसी पर झूलकर अपनी आन में
उनकी शहादत से ही है नाम-ओ -निशाँ हिन्दुस्तान का !!

अमन- औ -चैन की गर करनी हो तुमको बातचीत
मत बनाना काफिरों को रहनुमा हिन्दुस्तान का!!

Thursday, February 1, 2018

लानी है आज़ादी गर ,फिर से वतन के वास्ते !!


बोस दिनकर की बातें अब इल्मी निशानी हो गयी
वतन पर मिटने की चाहत अब क्यों पुरानी हो गयीं!!

सरफरोशों की चहक से जो महफिलें गुलज़ार थी
आज वो दहशत-ए-कहर से पानी- पानी हो गयी !!

इंकलाबी गीत गा ,वे तख़्त-ए-फांसी पे मिटे
आज उनकी शहादतें ,क्यों एक कहानी हो गयी!!

नौजवान हिंद का क्यों मजहबों में बँट गया
ज़ाया भगत -औ- अशफाक की क्या कुर्बानी हो गयी !!

आज़ादी के जश्न मनते रहे वर्षों मगर
चंद सिक्कों में खोकर ,क्यों जिंदगानी हो गयी!!

लानी है आज़ादी गर ,फिर से वतन के वास्ते
तान दो कलम-औ-कटार ,बहुत मनमानी हो गयी !!



"नीलांश" 

Tuesday, August 8, 2017

Yes, you are my soul

Presence of you is everywhere at every stoP
Panacea at any time ,you keep me at the toP

Over your memories my heart swings to &  frO
Only you are the only truth where i w'll gO

Eternal and always prominent, you are my lifE
Everyday and  anytime ,you protect my pridE

Trust can be broken but you  can'T
The world can change but you are always presenT

Respect you give and make me brighteR
Rise with me in spring ,in autumn you do prayeR

Yes, you are my soul ,who make me happY
Yacht of my life,you are  my  lone poetrY

Thursday, June 1, 2017

और क्या नाम दूं इस मंज़र को

















जब  तक  रहे  



किसी  का  इंतज़ार  आँखों  में
और  रहे  एक  पुकार  
खुद  की  साँसों  में
तब  तक  ही   ज़िन्दगी  
ज़िन्दगी  कहलाती   है
वरना  क्या  रखा  है 
फजूल  की  बातों  में ...

जो  तुम  नहीं  थे  
तो  तेरी  जुदाई  संग  थी
बेपरवाह  ज़माने  में  
मेरी  खुदाई  संग  थी
और  क्या  नाम  दूं   
इस  मंज़र   को
प्यार  ही  तो  है  
जो  जागता  है  सुनी  रातों  में ...

Friday, May 12, 2017

शिनाक्त

सामने तेरे  इक आईना होगा ,
दर को तूने जो बंद किया होगा

तेरी  पलकों   पे जो कहानी है
देख कर कोई सो  गया होगा

"नील " लिखूँ तो फिर  शिनाक्त सही ,
न लिखूँ अगर तो क्या होगा

Kshitiz

Wo kshitiz hai paas nahi aata, Jaise sach ho ,jo raas nahi aata Tum aaye the lekar Josh -o -junoon, Ab kya hua,kahte ho kaash nahi aata !...