Thursday, December 22, 2011

जो आइना सा साफ़ है ,उसकी सफाई ले ले

जो आइना सा साफ़ है ,उसकी सफाई ले ले 
ये मोहब्बत जो हमें रास ना  आई ले ले 

अगर तुम्हे लगता है ये चाहत बेमानी है
तो आके दिलनशीं हमारी पाई पाई ले ले

तू खुश रहे सनम हमको ये ज़मीन दे दे 
और उस नीली आसमां की तू उंचाई ले ले 

ए नमाज़ी,ज़रा,देख,वो बच्चे बहुत भूखे हैं
छोर के परस्तिश जा उनकी दुहाई ले ले

अब अँधेरे को मिटाना है अगर तुझको 
तो भूल बेबसी ,कलम-ओ-रोशनाई ले ले 

हर मोड़ है पहेली,है मौत है अब आसां
ये ज़िन्दगी अदब से है आजमाई ले ले
हम न मिलेंगे दुनिया के किसी कूचे में
दिल में ही तेरे वास्ते दुनिया बसाई ले ले

हर रंग ज़माने के देखे तुझसे बिछुड़ के
आज उस रंग से ही मेहँदी रचाई ले ले

उस जुलाहे ने कल नींद को पाला है
जारे में तेरे लिए बुनी है रजाई ले ले
गर कभी तेरे दर पे आकर खुदा मिले 
तब मिटा के हमें दिल से,उससे खुदाई ले ले 

"नील" को भुला दे मगर ये सुन लेना
तेरे दीवानगी में जो नगमे बनाई ले ले 




3 comments:

  1. गर कभी तेरे दर पे आकर खुदा मिले
    तब मिटा के हमें दिल से,उससे खुदाई ले ले

    "नील" को भुला दे मगर ये सुन लेना
    तेरे दीवानगी में जो नगमे बनाई ले ले
    वाह बहुत खूब लिखा है आपने
    समय मिले कभी तो आयेगा मेरी पोस्ट पर आपका स्वागत है
    http://mhare-anubhav.blogspot.com/

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  2. बेहतरीन अभिव्यक्ति.....

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  3. bahut aabhaar pallavi ji
    bahut aabhaar sushma ji

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Kshitiz

Wo kshitiz hai paas nahi aata, Jaise sach ho ,jo raas nahi aata Tum aaye the lekar Josh -o -junoon, Ab kya hua,kahte ho kaash nahi aata !...