Monday, May 9, 2011

सपने कैसे बुने जाते हैं!

 स्वप्न टूट गया एक 
अच्छे अंत के साथ,

तेरे लिए आखिरी ख्वाइश थी कि
तू आबाद रहे
अपने घोसले में ,

आखिरी बार तुने मुझे 
सपने बुनना सिखा दिया था 
जब तू अपने घोसले को 
अपने बच्चों के लिए बहुत प्यार से 
बुन रही थी 
मेरे घर के  आहाते  पर बिखरे 
तिनके और पत्तों को ले जाकर  ,


तेरे वृक्ष के शाख पर
ओ मेरे बया  !
हमेशा दूर देश से आने वाले
पक्षी विचरण करें 
और सीखें कि 
सपने कैसे बुने जाते हैं ...

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